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Wednesday, May 27, 2015

प्रेम से सराबोर शेरो शायरी


तुम पास नहीं हो तो अजब हाल है दिल का,
यूं जैसे मैं कुछ रख के कहीं भूल गयी हूं।
-- अदा जाफरी

दिल उन्हें तरसता है, जब वो दूर होते हैं,
जब करीब होते हैं, आंख उन्हें तरसती हैं।
-- रिशी पटियालवी

मेरी दीवानगी ने मुझको इतना कर दिया रुस्वा,
जमाना पूछता है, वो तुम्हारे कौन होते हैं।
-- साजन पेशावरी

दिल वो नगर नहीं कि, फिर आबाद हो सके,
पछताओगे सुनो हो, ये बस्ती उजाड़ के।
-- मीर

मुहब्बत की नहीं जाती मुहब्बत हो ही जाती है
यह शोला खुद भड़कता है भडकाया नहीं जाता।
-- मखमूर देहलवी

अब ये जाना कि इसे कहते हैं आना दिल का
हम हंसी खेल समझते थे लगाना दिल का।
-- अमीर मीनाई

Monday, May 4, 2015

प्रेम से सराबोर हिन्दी शायरी


प्रेम से सराबोर हिन्दी शायरी 

आंखें किसी के हुस्न का मंजर लिए हुए,
रोती है आंसुओं का समन्दर लिए हुए।
-- फलक देहलवी

मुहब्बत में नहीं है फर्क जीने और मरने का,
उसी को देखकर जीते हैं जिस काफिर ये दम निकले।
-- मिर्जा गालिब

जब कोई फूल मुस्कुराता है,
मुझको दिल का ख्याल आता है।
-- माहिर उल कादरी

अब के बिछड़े तो शायद कभी ख्वाबों में मिले,
जिस तरह सूखे हुए फुल किताबों में मिलें।
-- अहमद 'फराज'

सिर्फ इक मुहब्बत की रोशनी तो बाकी है।
वरना जिस तरफ देखो, दूर तक अंधेरे हैं।।
-- कादिर सिद्दकी

दिल की हालत की तरफ किसकी नजर जाती है।
इश्क की उम्र तमन्ना में गुजर जाती है।।
-- फैयाज ग्वालियरी


Thursday, February 5, 2015

वेलेंटाइन डे 2015 विशेष : प्रेम पर बेहतरीन शेरो-शायरी


Velentine Day 2015 : Best Shayri for Velentine Day

मुहब्बत में करें क्या हाल दिल का,
ख़ुशी ही काम आती है न गम ही।
-- फिराक गोरखपुरी

शाम ही से दिले-बेताब का है 'जौक' ये हाल।
है अभी रात पड़ी, चार पहर काटने को।।
-- जौक

हंसी आती है मुझको आजकल के नौजवानों पर,
दवा दर्दे जिगर की, ढूंढ़ते हैं दुकानों पर।
-- अज्ञात

कहां से लाऊं दिल, दोनों जहां में सख्त मुश्किल है
इधर परियों का मजमा है, उधर हूरों की महफिल है।
-- जोश मलीहाबादी

हम इश्क के हैं बन्दे, मजहब से नहीं वाकिफ।
गर काबा हुआ तो क्या, बुतखाना हुआ तो क्या?
-- वाजिद अलीशाह

लज्जत कुछ भी नहीं, और फिर भी दुनिया जान देती है।
खुदा बन्दा मुहब्बत में, मजा होता तो क्या होता।
-- अज्ञात

इश्क ने गालिब निकम्मा कर दिया,
वरना हम भी आदमी थे काम के।
-- मिर्जा गालिब

हम इश्क के मारों का इतना ही फसाना है,
रोने को नहीं कोई, हंसने को जमाना है।
-- जिगर मुरादाबादी

मुहब्बत इस तरह मालूम हो जाती है दुनिया को,
कि ये मालूम होता है, नहीं मालूम होती है।
-- अख्तर शीरानी

अपनी तबाहियों का मुझे कोई गम नहीं, 
तुमने किसी के साथ मुहब्बत निभा तो दी।
-- साहिर लुधियानवी

Sunday, May 18, 2014

बेस्ट हिन्दी शायरी Best Hindi Shayri :-


यह किसने कह दिया कि जमाने से बैर कर,
दुनिया में आ गया है तो दुनिया की सैर कर।
-- बिस्मिल इलाहाबादी

बेखुदी में हम तो तेरा दर समझकर झुक गये,
अब खुदा मालूम वोह काबा था या बुतखाना था।
-- तालिब बागपती

इश्क ने गालिब निकम्मा कर दिया,
वरना हम भी आदमी थे काम के।
-- मिर्जा गालिब

ये कह-कह कर हम दिल को बहला रहे हैं,
वो अब चल चुके हैं, वो अब आ रहे हैं।
-- जिगर मुरादाबादी

गलत है दिल का लगाना बुरा है,
मुहब्बत का लेकिन जमाना बुरा है।
-- रौनक