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Monday, May 4, 2015

प्रेम से सराबोर हिन्दी शायरी


प्रेम से सराबोर हिन्दी शायरी 

आंखें किसी के हुस्न का मंजर लिए हुए,
रोती है आंसुओं का समन्दर लिए हुए।
-- फलक देहलवी

मुहब्बत में नहीं है फर्क जीने और मरने का,
उसी को देखकर जीते हैं जिस काफिर ये दम निकले।
-- मिर्जा गालिब

जब कोई फूल मुस्कुराता है,
मुझको दिल का ख्याल आता है।
-- माहिर उल कादरी

अब के बिछड़े तो शायद कभी ख्वाबों में मिले,
जिस तरह सूखे हुए फुल किताबों में मिलें।
-- अहमद 'फराज'

सिर्फ इक मुहब्बत की रोशनी तो बाकी है।
वरना जिस तरफ देखो, दूर तक अंधेरे हैं।।
-- कादिर सिद्दकी

दिल की हालत की तरफ किसकी नजर जाती है।
इश्क की उम्र तमन्ना में गुजर जाती है।।
-- फैयाज ग्वालियरी


Thursday, September 4, 2014

मुहब्बत पर बेहतरीन शायरी :-


मुहब्बत पर बेहतरीन शायरी 

Kabhi tum meri muhbbt ka ykin kar lo,
Gujar n jaye kahin umr aajmane men.
-- Rashid

Muhbbt men nhin hai fark jine aur mrne ka,
Usi ko dekhkar jite hain jis kafir pai dm nikle.
-- Mirja Galib

Agar darde muhbbt se, n insan aashna hota,
N mrne ka alm hota, n jine ka mja hota.
-- Agyat

Sirf ek muhbbt ki roshani to baki hai.
Vrna jis taraf dekho, dur tk andhere hain.
-- Kadir Siddki

कभी तुम मेरी मुहब्बत का यकीं कर लो,
गुजर न जाये कहीं उम्र आजमाने में।
-- राशिद

मुहब्बत में नहीं है फर्क जीने और मरने का,
उसी को देखकर जीते हैं जिस काफिर पै दम निकले।
-- मिर्जा गालिब

अगर दर्दे मुहब्बत से, न इंसान आशना होता।
न मरने का अलम होता, न जीने का मजा होता।।
-- अज्ञात

सिर्फ इक मुहब्बत की रोशनी तो बाकी है।
वरना जिस तरफ देखो, दूर तक अंधेरे हैं।।
-- कादिर सिद्दकी


Sunday, May 18, 2014

बेस्ट हिन्दी शायरी Best Hindi Shayri :-


यह किसने कह दिया कि जमाने से बैर कर,
दुनिया में आ गया है तो दुनिया की सैर कर।
-- बिस्मिल इलाहाबादी

बेखुदी में हम तो तेरा दर समझकर झुक गये,
अब खुदा मालूम वोह काबा था या बुतखाना था।
-- तालिब बागपती

इश्क ने गालिब निकम्मा कर दिया,
वरना हम भी आदमी थे काम के।
-- मिर्जा गालिब

ये कह-कह कर हम दिल को बहला रहे हैं,
वो अब चल चुके हैं, वो अब आ रहे हैं।
-- जिगर मुरादाबादी

गलत है दिल का लगाना बुरा है,
मुहब्बत का लेकिन जमाना बुरा है।
-- रौनक