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Saturday, September 10, 2016

चंद चुने हुए बेहतरीन शेर ओ शायरी -


BEST HINDI SHAYRI COLLECTION


ये भी क्या मंजिल है, बढ़ते हैं न हटते हैं कदम।
तक रहा हूं देर से, मंजिल को मैं, मंजिल मुझे।।
-- जिगर मुरादाबादी

खुल के हंसना तो सबको आता है।
लोग तरसते हैं इक बहाने को।।
-- अदाजाफरी

खत्म होगा न जिंदगी का सफर।
मौत बस रास्ता बदलती है।।
-- साहिल मानिकपुरी

है जान के साथ काम इन्सां के लिए।
बनती नहीं है जिन्दगी कहीं बेकाम किए।।
जीते हो तो कुछ कीजिए जिन्दों की तरह।
मुर्दों की तरह जिए तो क्या खाक जिए।।
-- हाली

आँख पड़ती है कहीं, पाँव कहीं पड़ता है।
सबकी है तुमको खबर, अपनी खबर कुछ भी नहीं।।
-- दाग देहलवी

Friday, March 4, 2016

बेहतरीन हृदयस्पर्शी शेरो-शायरी : गली, कूचा

बेहतरीन हृदयस्पर्शी शेरो-शायरी : गली, कूचा
BEST HINDI SHAYRI COLLECTION  

मैं ख़ुद भी एहतियातन इस गली से कम गुजरता हूं,
कोई मासूम क्यों मेरे लिए बदनाम हो जाए।
-- बशीर बद्र
निकलना ख़ुल्द से आदम का सुनते आए थे लेकिन,
बड़े बे आबरु होकर तेरे कूचे से हम निकले।
-- ग़ालिब
कूचे को तेरे छोड़कर जोगी ही बन जाएं मगर,
जंगल तेरे, पर्वत तेरे, बस्ती तेरी, सहरा तेरा।
-- इब्ने इंशा
उनकी गली में जिस दम पहुंचा मेरा जनाजा,
हसरत से देखते थे पर्दा उठा उठा के
-- ज़ाकिर देहलवी
हां वो नहीं ख़ुदा परस्त जाओ वो बेवफ़ा सही,
जिसको हो दीनो-दिल अज़ीज़ उसकी गली में जाएं क्यों।
-- ग़ालिब
जब मैं चलता हूं तेरे कूचे से कतरा के कभी,
दिल मुझे फेरके कहता है उधर को चलिए
-- मीर हसन


Tuesday, September 15, 2015

बेहतरीन शायरी संग्रह

BEST HINDI SHAYRI COLLECTION -



गुंचों के मुस्कराने पे कहते हैं हंस के फूल,
" अपनी करो ख्याल, हमारी तो कट गई।"
-- शाद

मैं अकेला ही चला था जानिबे-मंजिल मगर
लोग साथ आते गये और कारवां बनता गया।
-- मजरूह

हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम,
वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता।
-- अकबर इलाहाबादी

मुश्किल नहीं था मौत के गम को भी जीतना,
बाजी मगर हयात की हारे ही चले गये।
-- साजन पेशावरी

चलो अच्छा हुआ काम आ गया दीवानगी अपनी,
वरना हम जमाने भर को समझाने कहां जाते।
-- कतील शिफाई

जब गले मिल के बिछड़ता है किसी से कोई,
मेरे सीने की दबी चोट निखर आती है।
-- नजीर बनारसी