BEST HINDI SHAYRI COLLECTION -
गुंचों के मुस्कराने पे कहते हैं हंस के फूल,
" अपनी करो ख्याल, हमारी तो कट गई।"
-- शाद
" अपनी करो ख्याल, हमारी तो कट गई।"
-- शाद
मैं अकेला ही चला था जानिबे-मंजिल मगर
लोग साथ आते गये और कारवां बनता गया।
-- मजरूह
लोग साथ आते गये और कारवां बनता गया।
-- मजरूह
हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम,
वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता।
-- अकबर इलाहाबादी
वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता।
-- अकबर इलाहाबादी
मुश्किल नहीं था मौत के गम को भी जीतना,
बाजी मगर हयात की हारे ही चले गये।
-- साजन पेशावरी
बाजी मगर हयात की हारे ही चले गये।
-- साजन पेशावरी
चलो अच्छा हुआ काम आ गया दीवानगी अपनी,
वरना हम जमाने भर को समझाने कहां जाते।
-- कतील शिफाई
वरना हम जमाने भर को समझाने कहां जाते।
-- कतील शिफाई
जब गले मिल के बिछड़ता है किसी से कोई,
मेरे सीने की दबी चोट निखर आती है।
-- नजीर बनारसी
मेरे सीने की दबी चोट निखर आती है।
-- नजीर बनारसी
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