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Thursday, February 12, 2015

वेलेंटाइन डे 2015 : प्रेम पर नये मैसेज


VELENTINE DAY 2015 :BEST MESSAGE FOR LOVE

प्यार सच्चा हो तो वक्त रुक जाता है
आसमान लाख ऊंचा हो मगर झुक जाता है,
प्यार में दुनिया लाख बने रुकावट,
अगर हमसफर सच्चा हो तो खुदा भी झुक जाता है।

मोहब्बत सर्वव्याप्त है, सर्वशक्तिमान है। खुदा के बाद अगर किसी का है, तो बस मोहब्बत का स्थान है।

बस तुम मेरा नाम पुकारना, और विश्वास करना कि मैं जहां भी रहूंगा, मैं दौड़ा चला आऊंगा। फिर तुम्हें मिलने के लिए पतझड़ हो या बसंत, बारिश हो या ग्रीष्म तुम्हें मेरा नाम पुकारना है और मैं वहीं होऊंगा।

हंसी और ख़ुशी के पल आते रहे
जिंदगी में आप हम मुस्कुराते रहे,
कभी मुश्किलें आए भी तो
हम यूं ही खिलखिलाते रहे।

प्यार शब्दों  का मोहताज नहीं होता,
दिल में हर किसी के राज नहीं होता,
क्यों इंतजार हैं वेलेंटाइन डे का
क्या साल का हर दिन प्यार का हकदार नहीं होता।

प्रेम का साथ हो तो जीवन बदल जाए
आंसुओं का सैलाब भी मुस्कान में ढल जाए,
समस्याओं का समाधान चाहते हो गर
तो आओ दिलों पर प्रेमास्त्र चलायें।

मैं उससे बहुत प्यार करता हूं,
ध्यान हर क्षण उसी पे जाता है,
वक्त आये तो उस पर जान दे दूं
वो मेरी भारत माता है।

Thursday, February 5, 2015

वेलेंटाइन डे 2015 विशेष : प्रेम पर बेहतरीन शेरो-शायरी


Velentine Day 2015 : Best Shayri for Velentine Day

मुहब्बत में करें क्या हाल दिल का,
ख़ुशी ही काम आती है न गम ही।
-- फिराक गोरखपुरी

शाम ही से दिले-बेताब का है 'जौक' ये हाल।
है अभी रात पड़ी, चार पहर काटने को।।
-- जौक

हंसी आती है मुझको आजकल के नौजवानों पर,
दवा दर्दे जिगर की, ढूंढ़ते हैं दुकानों पर।
-- अज्ञात

कहां से लाऊं दिल, दोनों जहां में सख्त मुश्किल है
इधर परियों का मजमा है, उधर हूरों की महफिल है।
-- जोश मलीहाबादी

हम इश्क के हैं बन्दे, मजहब से नहीं वाकिफ।
गर काबा हुआ तो क्या, बुतखाना हुआ तो क्या?
-- वाजिद अलीशाह

लज्जत कुछ भी नहीं, और फिर भी दुनिया जान देती है।
खुदा बन्दा मुहब्बत में, मजा होता तो क्या होता।
-- अज्ञात

इश्क ने गालिब निकम्मा कर दिया,
वरना हम भी आदमी थे काम के।
-- मिर्जा गालिब

हम इश्क के मारों का इतना ही फसाना है,
रोने को नहीं कोई, हंसने को जमाना है।
-- जिगर मुरादाबादी

मुहब्बत इस तरह मालूम हो जाती है दुनिया को,
कि ये मालूम होता है, नहीं मालूम होती है।
-- अख्तर शीरानी

अपनी तबाहियों का मुझे कोई गम नहीं, 
तुमने किसी के साथ मुहब्बत निभा तो दी।
-- साहिर लुधियानवी