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Saturday, July 9, 2016

बारिश विशेष : शेरो शायरी,हिन्दी/उर्दू कहकशां - बारिश, बरसात,घटा,मौसम

Best Message collection of Barish, Barsat, Ghata, Mausam in Hindi Shayari 

छत जमींदोज थी काई दरों-दीवार पे थी,
अबके घर लौट के जब आया मैं, बरसात के बाद।
-- स्व. रजा हैदरी


दूर तक छाए थे बादल पर कहीं साया न था,
इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न था।
-- क़तील शिफ़ाई


किसने भीगी हुई जुल्फों से ये झटका पानी,
झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी।
-- आरज़ू लखनवी


बारिश में किस क़दर है तपिश वो बताएंगे,
तनहाइयों में जिनके बदन आग हो गए।
-- राहत सईद अख़्तर


Monday, July 6, 2015

कहकशां - बारिश, बरसात, घटा, सावन


बेहतरीन शेरो शायरी - सावन, घटा, बरसात, बादल, मौसम

सावन की घटा छाई फिर याद तेरी आई,
फिर दिल की उमंगों ने ली झूम के अंगड़ाई,
-- हामिद ज़ार

सहरा में बरसती हुई ये कली घटाओ,
प्यासा है मेरा शहर इधर भी चली आओ.
-- काविश हैदरी

बेसबब उसको अश्कों से नफरत नही,
उसका घर जल गया होगा बरसात में.
-- नामालूम

बारिश का खौफ घूप का डर भी नहीं रहा,
इस बार हादसात में घर भी नहीं रहा.
-- नामालूम

छा गया सर पे मेरे गर्द का गहरा बादल,
अब के सावन भी गया मुझपे न बरसा बदल.
-- नश्तर

दिल तोड़ के जाते हो बरसात के मौसम में,
क्यों आग लगाते हो बरसात के मौसम में.
-- काविश हैदरी

दूर तक छाए थे बादल पर कहीं साया न था,
इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न था.
-- कतील शिफई

Monday, July 8, 2013

हिन्दी शायरी एस.एम.एस. HINDI SHAYRI SMS :-


हिन्दी शायरी एस.एम.एस. HINDI SHAYRI SMS :-

घटा में छुपके सितारे फ़ना नहीं होते,
अँधेरी रात में दिल को दिये बनाके जियो।
                          -- साहिर लुधियानवी